Thursday, September 2, 2010

डूसू में फिर रचेंगे इतिहास : NSUI


दिल्ली विश्वविद्यालय चुनावों का मतदान के पूर्व दिन एनएसयूआई कार्यालय में सभीकॉलेज इकाइयों तथा प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई जिसमें एनएसयूआई केप्रत्याशियों के समर्थन में पूरे दिन मुस्तैदी से लगे रहने के निर्देश दिए गए। गौरतलब हैकि एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों का चयन भी इन्हीं 412 कॉलेज इकाईयों तथाप्रतिनिधियों के मतदान द्वारा किया। इस कारण से सभी उम्मीदवारों को दिल्लीविश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों से भारी समर्थन मिल रहा है। आज राष्ट्रीय कार्यालय में एनएसयूआईइकाईयों की बैठक हुई जिसमें एनएसयूआई प्रभारी तथा सांसद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि हमारेउम्मीदवारों को कॉलेज इकाईयों ने चुने है, किसी कार्यालय में बैठकर दो-तीन नेताओं नहीं इसलिए हरीश, वर्धन, दीपिका और अक्षय भारी मतों से जीतकर दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास बनाएगें। इसी के साथयूथ कांग्रेस की भी बैठक आयोजित की गई तथा सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में मजबूती से कार्यकर एनएसयूआई को विजयी बनाने की मुहिम तेज की गई।
एनएसयूआई अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के स्थानीय तथा नार्थ-साउथ कैम्पस में अच्छी पकड़ के साथ हीयमुना पार के स्थानीय होने के कारण भारी समर्थन मिल रहा है। हरीश चौधरी ने कहा कि, ‘मैं एनएसयूआईसंगठन का एक सिपाही तथा मेरा संगठन भारत के हर भारतीय को यहाँ का नागरिक समझ कर कार्य करता है।इसलिए उत्तर भारतीय हो दक्षिण भारतीय हो या नार्थ ईस्ट का साथी या राजस्थान का वासी सबका हमेंअच्छा समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही एनएसयूआई के नेतृत्व में दिल्ली विश्वविद्यालय में सभी क्षेत्रों मेंबेहतर कार्य किया है इसलिए इस बार भी छात्रों का भारी मत और समर्थन हमें ही प्राप्त होगा।
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदार एए वर्धन चौधरी ने कहा कि, ‘मैं संगठन का सिपाही हूँ। दिल्ली विश्वविद्यालय मेंहमारे संगठन नें बेहतर कार्य किया है। सांप्रदायिक और जातिवादी विचारधारा के खिलाफ हम लड़े है और आगेभी लड़ते रहेंगे। छात्रों के बस, मेट्रो, परिक्षा परिणाम तथा सेमेस्टर सिस्टम के लिए कार्य करेंगे। इसलिए मुझेपूरी उम्मीद है कि सांप्रदायिक-जातिवादी-फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ मजबूत गठजोड़ के तौर पर छात्रहमारे साथ जुड़ेगें। गौरतलब है कि एए वर्धन दिल्ली प्रदेश एनएसयूआई के उपाध्यक्ष के साथ ही रामजस सीसीतथा डीयू ईसी भी रहे है।
दिल्ली विश्वविद्यालय महासचिव पद की उम्मीदवार दीपिका देशवाल ने कहा कि हमारे संगठन नें सबसेअधिक छात्राओं को दिल्ली विश्वविद्यालय में मौका दिया है, शालू मलिक, अल्का लांबा से रागिनी नायक, अमृता धवन तक सभी छात्राओं को दिल्ली विश्वविद्यालय ने सर आँखो पर बिठा कर रखा। एनएसयूआई केसभी साथियों ने बेहतर कार्य किया इस कारण से आज सभी सक्रिय राजनीति में है लेकिन विपक्षी संगठन नेछात्राओं को राजनीति में कभी स्थान ही नहीं दिया इस कारण से विपक्षी संघटनों से राजनीति के पथ पर एकभी नैत्री आगे नहीं बढ़ी। इसके साथ ही दीपिका ने कहा कि मैं दिल्ली की बेटी हूँ, और मुझे दिल्लीविश्वविद्यालय में भारी समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि दीपिका दिल्ली एनएसयूआई की प्रदेशमहासचिव, कॉलेज की सीसी तथा डीयू की ईसी रहने के साथ ही जुड़ो-रेसलिंग की राष्ट्रीय खिलाड़ी तथा अपनेकॉलेज की टॉपर भी रही है। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष परमजीत सरना ने कहा कि, ‘दिल्ली मेंपहली बार जाट बेटी चुनावी मैंदान में है इसलिए हम सभी इन्हें मिलकर भारी मतों से विजयी बनाएगें।
संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अक्षय कुमार ने कहा कि, ‘एनएसयूआई एक मात्र संगठन है जो SC,ST,OBC के हितों के लिए संघर्ष करता है तथा छात्रवृत्ति हो या अंबेडकर स्टूच्यू का मामला सभी मसलों पर मजबूती सेखड़ा होता है। कालका जी कैम्पस हो या आउटर सभी जगहों पर एनएसयूआई को भारी समर्थन मिल रहा है।गौरतलब है अक्षय कुमार दलित समुदाय से संबंध रखते है तथा पूरे दिल्ली विश्वविद्यालय के उम्मीदवारों मेंइकलौते दलित है। दलित छात्रों के रुप में इससे पहले भी तरुण कुमार, उपाध्यक्ष पर जीते थे जबकी विपक्षीसंगठनों ने कभी भी किसी दलित नेता को दिल्ली विश्वविद्यालय को उम्मीदवार नहीं बनाया है।

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